Friday, September 30, 2022
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    हार्ट अटैक… दिल का मामला है, देरी न करें

    #निरोगभव

    हार्ट अटैक। ये शब्द आजकल बहुत सुनने को मिलता है। हर दिन किसी न किसी के बारे में ये सुनने को मिलता है। व्यस्त जीवनशैली और उन्मुक्त खानपान के चलते दिल से जुड़ी बीमारियां प्रतिदिन बढ़ रही है।

    पूरी दुनिया में हर साल कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) से लाखों लोगों की मौत हो जाती है। इसके बारे में हम सब सुनते हैं, पर जागरूक नहीं रहते। इसी के कारण बीमारी बढ़ती जाती है।

    कार्डियक अरेस्ट (Heart Attack) में व्यक्ति का दिल अचानक काम करना बंद कर देता है, इस स्थिति में अगर व्यक्ति को तुरंत इलाज ना मिले तो मरीज की जान भी जा सकती है।

    कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) से पहले मिलते हैं संकेत

    कार्डियक अरेस्ट से पहले शरीर में कुछ लक्षण दिखाई देते हैं। अगर इन संकेतों को समझकर बिना देरी किये डॉक्टर के पास जाएंगे तो ज़िंदगी बच जायेगी।

    कार्डियक अरेस्ट से पहले मरीज को बेहोशी और बहुत ज्यादा पसीना आता है। सांस लेने में तकलीफ, घबराहट, बेचैनी होती है।

    इसके साथ ही धड़कन असामान्य रूप से बढ़ जाती है। कार्डियक अरेस्ट से पहले व्यक्ति की आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है। साथ ही जी मिचलाना, उल्टी और मतली की दिक्कतें भी हो सकती है।

    ऐसे संकेतों पर ये करें

    कार्डियक अरेस्ट आने पर थोड़ी सी भी देरी मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती। जो संकेत ऊपर बताये हैं, वैसा महसूस हो तो मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाएं।

    तत्काल मरीज के हाथ-पैरों के तलवों को तेजी से रगड़ें। कार्डियक अरेस्ट आने पर मरीज को सीपीआर देना चाहिए। इससे मरीज की जान बचाई जा सकती है।

    सीपीआर करें
    सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) होता है. यह एक इमरजेंसी मेडिकल तकनीक है, जिसमें मरीज की सांस रुक जाने पर उसकी जान बचाई जा सकती है। सीपीआर में मरीज की छाती पर दबाव बनाया जाता है, जिससे ब्लड फ्लो बेहतर करने में मदद मिलती है।